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“15 मौतों से भी नहीं जागा सिस्टम! संजय पार्क से हिरण फरार—वन विभाग की लापरवाही अब बन रही ‘खतरा’”

“15 मौतों से भी नहीं जागा सिस्टम! संजय पार्क से हिरण फरार—वन विभाग की लापरवाही अब बन रही ‘खतरा’”

अंबिकापुर। शहर के संजय पार्क में एक बार फिर वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा घटना में बाड़े का गेट खुला रह जाने के कारण एक हिरण मौके से भाग निकला, जिससे पार्क परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

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जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब कर्मचारी नियमित रूप से चारा डालने पहुंचे थे। इसी दौरान लापरवाही बरतते हुए बाड़े का गेट ठीक से बंद नहीं किया गया, जिसका फायदा उठाकर हिरण जंगल की ओर भाग गया। हैरानी की बात यह है कि यह चूक ऐसे समय हुई है जब पहले ही 15 हिरणों की मौत के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और अमला हरकत में आया। देर रात तक टॉर्च लेकर जंगल में हिरण की तलाश की जाती रही, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में घूम रहे इस हिरण पर आवारा कुत्तों के हमले का बड़ा खतरा है, जिससे उसकी जान पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में यह घटना सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि वन्यजीव सुरक्षा के प्रति विभाग की उदासीनता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।
गौरतलब है कि हाल ही में पार्क में 15 हिरणों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है और उसकी जांच प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद इस तरह की नई लापरवाही सामने आना यह साबित करता है कि विभाग ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया है।

स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा बेजुबान वन्यजीवों को भुगतना पड़ेगा? क्या इस बार दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

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